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विनाश राहत कार्य के विषय मेंप्राकृतिक अथवा मानव द्वारा निर्मित विपत्तियाँ जैसे भूकम्प, बाढ़, बवंडर, या आग लगने की दुर्घटनाएँ बता कर नहीं आती है पर वे जिन पर प्रहार करती हैं उन लोगों के शेष जीवन को बदल देती हैं। मृत्यु के भयानक चंगुल से बच कर उनके लिए जीना और भी कठिन हो जाता है। क्योंकि तब उन्हें सदा यह भय रहता है कि इससे भी बड़े विनाश कार्य जैसे बिमारी, बेघर होना, गरीबी, अनाथ होना उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। विनाश के समय राहत कार्य की तुरन्त आवश्यक्ता होती है। ऐसे समय में ओ.बी.आई. संस्था कार्यभार सम्भालने और विपत्ति के समय तुरन्त राहत कार्य में सर्वप्रथम होती है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो जाए। चाहे वह देश में हो या फिर विदेश में।
ओ.बी.आई दो परिस्थितियों में विनाश राहत कार्य प्रदान करती है।
1. तत्कालीन राहत कार्य – यह राहत कार्य जीवन सुरक्षा, विनाश द्वारा फैलाया मलबा साफ करने आवश्यक दवाएँ प्रदान करने का, भोजन सामग्री तथा कपड़े और बर्तन, कम्बल तथा स्वस्थ्य की आवश्यक्ताओं को पूरा करने का कार्य है। 2. लम्बे समय की उन्नति के कार्य – वे ऐसी सहायता प्रदान करता है जो घायल और प्रभावित जीवन पर प्रभाव डाल कर और उनकी परिस्थिति को फिर से सुधार देता है। और उनका जीवन, घर और नौकरी पुन: स्थापित कर देता है।
ओ.बी.आई. प्रयत्न करके तुरन्त विपत्ति राहत प्रदान करते हैं। अब तक ओ.बी.आई. ने 2,24,119 प्रभावित लोगों को व्यक्तिगत रूप से और 12,108 परिवारों को घर, कपड़े, पका हुआ भोजन, अनाज, कपड़ों की आवश्यक्ता, पकाने के चूल्हे, कम्बल, दवाएँ प्रदान की थीं। अपनी सेवाओं को सफल बनानें के लिए ओ.बी.आई. ने हर विपत्ति के बाद अनेक राहत शिविर लगाए थे। जैसे सुनामी के बाद, कश्मीर और गुजरात के इलाके के बाद, महाराष्ट्र और गुजरात, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, मुम्बई और हैद्राबाद में अनेक सहायता शिविर लगाए और ओ.बी.आई. ने हैद्राबाद की आग लगने पर भी घायल लोगों को सहायता प्रदान की थी।
विपत्ती शमन“मैं बाढ़ का के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ क्योंकि उसी के कारण ओ.बी.ई. के दल से मेरा परिचय हुआ... |
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